Friday ,15th December 2017

शत्रुघ्न सिन्हा ने माना- घरवाली के साथ बाहरवाली से भी थे रिश्ते

पटना। कोलकाता लिट्रेचर फेस्टिवल में शामिल होने आए शत्रुघ्न सिन्हा ने एक इंटरव्यू में अपनी पर्सनल लाइफ जुड़ी कई बातें बताईं। इस दौरान उन्होंने अपनी बायोग्राफी एनीथिंग बट खामोश के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी लाइफ में बहुत की लड़कियां आईं लेकिन, इन सभी के बारे में उन्होंने किताब में नहीं बताया है। शत्रुघ्न ने कहा, ये किताब मेरी लाइफ की समरी है। कैसे मैं घर से पुणे पढऩे गया। फिल्म इंडस्ट्री में मेरा स्ट्रगल और उसके बाद मेरी लाइफ में घरवाली आई और फिर बाहरवाली आई।  शत्रुघ्न ने किताब में अपने को-एक्टर रीना रॉय के साथ ऑफ स्क्रीन रिलेशन के बारे में लिखा है।  पूनम के साथ शादी होने के बाद भी कुछ दिनों तक रीना रॉय के साथ उनका रिश्ता रहा।  शत्रुघ्न कहते हैं, अगर मैं अपनी लाइफ की इन कहानियों को किताब में शामिल नहीं करता तो मैं इसके साथ ईमानदारी नहीं बरत पाता। शत्रुघ्न 14 से 17 जनवरी तक हुए कोलकाता लिट्रेचर फेस्टिवल में शामिल होने गए थे। वहां से लौटते समय उन्होंने ये इंटरव्यू पीटीआई को दिया है।
बुक में नहीं है कोई हल्की बात
शत्रुघ्न ने कहा है कि बिना किसी के इमोशन्स को चोट पहुंचाए किताब लिखी गई है। बुक में कोई हल्की बात नहीं है। मैंने अपने जीवन में आई बहुत सी लड़कियों का जिक्र नहीं किया है। उन सबका घर बस गया है, उनके बच्चे हैं। उनकी पहचान उजागर करना सही बात नहीं होता।
मेरी शोहरत से अमिताभ परेशान थे, मैंने छोड़ी थी कई फिल्में बॉलीवुड कभी अमिताभ व शत्रु के दोस्ताना का गवाह रहा है। 70 के दशक में इस दोस्ती में दरार पड़ गई थी। दोस्ती दुश्मनी में कैसे बदली? इस सवाल का जवाब शॉटगन ने अपनी बायोग्राफी में दिया है। बायोग्राफी के मुताबिक, शॉटगन मानते हैं कि 70 के दशक में बॉलीबुड में उनका कद अमिताभ बच्चन से बड़ा था। इस कारण ही दोस्ती में दरार पड़ी। अपनी किताब में शत्रु लिखते हैं कि तब लोग कहते थे कि अमिताभ और मेरी ऑन स्क्रीन जोड़ी सुपरहिट है, पर वो मेरे साथ काम नहीं करना चाहते थे। उनको लगता था कि नसीब, काला पत्थर, शान और दोस्ताना में शत्रुघ्न सिन्हा मुझ पर भारी पड़ गए, लेकिन इससे मुझे कभी फर्क नहीं पड़ा। काला पत्थर के सेट पर कभी मुझे अमिताभ के बगल वाली कुर्सी ऑफर नहीं की गई। शूटिंग के बाद लोकेशन से होटल जाते हुए कभी अमिताभ ने मुझे अपनी कार में आने के लिए ऑफर नहीं दिया। मुझे ये देखकर आश्चर्य होता था कि आखिर ये क्यों हो रहा है। लेकिन मैंने कभी किसी बात को लेकर शिकायत नहीं की।
किसने लिखा है इस बुक का इंट्रोडक्शन? किन बातों का है इसमें जिक्र...
 सिन्हा की बायोग्राफी का इंट्रोडक्शन कांग्रेस लीडर शशि थरूर ने लिखा है।  किताब में शत्रुघ्न से जुड़े कई अंदरूनी पहलू सामने आए हैं। इसमें उनके फिल्मी, पॉलिटिकल और सोशल करियर का जिक्र है। पत्रकार भारती एस. प्रधान की लिखी इस बायोग्राफी की लॉन्चिंग दिल्ली के एपीजे अब्दुल कलाम रोड पर मौजूद होटल द क्लैरिजेस में हुई।
सोनाक्षी ने कहा था- हर किसी का होता है अपना पास्ट
कुछ साल पहले सोशल मीडिया पर इस तरह के बहुत से फोटोज पोस्ट किए गए थे कि सोनाक्षी सिन्हा और रीना राय दिखने में बहुत हद तक एक जैसी हैं।  तब सोनाक्षी ने अपने पिता के एक्सट्रा मेरिटल अफेयर पर जवाब दिया था।  सोनाक्षी ने कहा था कि मुझे लगाता है कि यह तब कि बात है जब मैं पैदा भी नहीं हुई थी।  जब मैं बड़ी हुई और चीजों को समझना शुरू किया तब इसके बारे में पता चला।  कुछ बातें जो कई साल पहले हुईं, इसके लिए मैं अपने पिता को सूली पर नहीं चढ़ा सकती।  यह उनका पास्ट है। हर किसी का अपना पास्ट होता है। इसलिए मैं इस मुद्दे पर ज्यादा नहीं सोचती।
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