पंचायत सचिवों ने पहले सरकार की सदबुध्दि के लिए किया हवन तो वहीं आज मांगी भीख

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रायपुर(प्रखर)। प्रदेश पंचायत सचिव संघ छत्तीसगढ़ संघे शक्ति कलयुगे के महासचिव तुलसी साहू ने कहा की ग्राम पंचायत सचिवों एवं रोजगार सहायक के हड़ताल में चले जाने से पंचायतों में ताला लग गया है। प्रदेश पंचायत सचिव संघ के प्रांतीय आव्हान पर छत्तीसगढ़ प्रदेश के 146 विकासखण्डों में पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायक अपनी मांगों को लेकर ‘काम-बंद, कलम-बंद’ जिससे ग्राम पंचायतों में ताला लगा हुआ है। इससे शासन की महत्वपूर्ण योजना सुराजी गांव व गौधन योजना के तहत गोबर खरीदी एवं मनरेगा सहित शासन की योजनाएं प्रभावित हो रही है। ग्राम पंचायत सचिव की 29 विभागों की योजना का संचालन करता है जिसके माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजना गांव की अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती है। सचिव एवं रोजगार सहायक राज्य शासन की प्रमुख अंग है। इसी कड़ी की उपेक्षा से पंचायत सचिवों में आक्रोश है।

पंचायत सचिव की प्रांतीय महासचिव अमरसिंह धनकर ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी दी है कि हड़ताल से केन्द्र व राज्य की प्रमुख योजनाओं सहित सुराजी गांव योजना, आवास योजना, पेंशन योजना, मनरेंगा सहित 29 विभाग के कार्य प्रभावित है। कोविड-19 के दौरान सचिवों द्वारा किये गये कार्य को ध्यान में रखते हुए सचिवों की मांग को अविलय पूर्ण करने की अपील की है। प्रांतीय आव्हान के आधार पर 07 जनवरी को बुढा तालाब धरना स्थल में सरकार के अडियल रवैये को देखते हुए यज्ञ का आयोजन किया गया। और वहीं 8 जनवरी को धरना स्थल पर सभी साथियों द्वारा कटोरा लेकर सरकार को फंड देने के लिए भीख मांगने का कार्यक्रम किया गया। इससे मिलने वाली समस्त राशि को छत्तीसगढ़ सरकार के फंड में दिया जायेगा।

पंचायत सचिव की प्रमुख मांगे

  1. पंचायत सचिवों को दो वर्ष परीविक्षा अवधि पश्चात शासकीयकरण किया जावे।
  2. ग्राम रोजगार सहायकों का वेतनमान निर्धारण कर नियमितिकरण किया जाये।
  3. नगरपंचायत व नगर निगम में विलय होने वाले पंचायत के रोजगार सहायक को उक्त निकाय में शामिल किया जावे।
  4. पंचायत सचिव पद पर ग्राम रोजगार सहायक को सचिव पद पर शत प्रतिशत नियुक्त किया जावे ।

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