कलम रायपुर की 50वीं कड़ी में शामिल हुए युवा लेखक आशुतोष भारद्वाज, कहा- साहित्यकार का न कोई एक पृष्ठ होता है न कोई भूमि

0
152

रायपुर (प्रखर)। प्रभा खेतान फाउंडेशन और अभिकल्प फाउंडेशन के तत्वाधान में कलम रायपुर की 50वीं कड़ी का आयोजन राजधानी के होटल हयात में किया गया। श्री सीमेंट इस कार्यक्रम के प्रायोजक रहे औऱ  कार्यक्रम में बतौर मेहमान लेखक युवा सहित्यकार आशुतोष भारद्वाज शामिल हुए। राहुल सिंह ने इस साहित्यिक कार्यक्रम में सूत्रधार की भूमिका निभाते हुए युवा लेखक आशुतोष भारद्वाज से बातचीत की। छत्तीसगढ़ में करीब पाँच साल एक पत्रकार के रुप में बिताने वाले आशुतोष ने बातचीत के दौरान कहा इस प्रदेश ने मुझे बहुत कुछ दिया है और वह आज जो भी हैं उसमें छत्तीसगढ़ प्रदेश के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने आगे बताया कि बतौर साहित्यकार न उनका कोई पृष्ठ है न ही कोई भूमि। क्योंकि उनकी अपनी यात्रा अनेक राज्यों और शहरों से गुजरी है जिन्होंने उनके साहित्यिक समझ को प्रभावित किया है। प्रदेश के साहित्यकारों के बारे में बात रते हुए युवा लेखर आशुतोष ने कहा कि विनोद कुमार शुक्ल की रचनाओं में एक सच्चा, सीधा-सादा और भोलाभाला छत्तीसगढ़ बसता है। जो मुझे काफी भांता हैं।

अपनी किताब पितृ वध के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि हर साहित्यकार के लेखन में उसके पूर्वज लेखकों की आत्मा अपने आप शामिल हो जाती है। हर बार लेखक को अपने पितामह लेखकों की लेखनी का वध करते हुए आगे बढ़ना होता हैं। ताकि उनकी अमिट छाप से आगे बढ़कर अपना कुछ मौलिक रचना कर सके। आज की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए आशुतोष ने कहा आज के लेखकों के बीच वर्तमान वाद चल रहा है। वे आज कुछ भी लिखकर तत्काल सोशल मीडिया में कुछ लाइक और कमेंट चाहते हैं। हमें यह बात नहीं भूलनी चाहिए किताबें हमेशा रहती हैं और हमेशा रहेंगी। कार्यक्रम में अभिकल्प फाउंडेशन के संस्थापक गौरव गिरिजा शुक्ला शामिल हुए औऱ कलम की सभी 50 कड़ियों के साहित्यकारों को याद करते हुए आयोजन के बारे में जानकारियाँ दी। वरिष्ठ साहित्यकार और पूर्व प्रशासनिक अधिकारी इंदिरा मिश्रा ने आशुतोष भारद्वाज को स्मृति चिह्न भेंट किया और जया जादवानी ने राहुल सिंह को मेमेंटो भेंट कर सम्मानित किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here