जन्मदिन विशेष – गुरु,युवा,रावण और ब्रीथ जैसी फिल्मों से धूम मचाने वाले बॉलीवुड अभिनेता अभिषेक बच्चन  हुए 45 वर्ष के

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अभिषेक बच्चन हिंदी फिल्मों के एक माने अभिनेता और निर्माता हैं । वे शुरु से ही अपने पिता अमिताभ बच्चन की तरह एक एक्टर बनना चाहते थे। पिता अमिताभ बच्चन की छाया में उन्होंने ने अपने फ़िल्मी कैरियर को प्रारम्भ किया था। सदी के महानायक का पुत्र होने के कारण उन्हें अच्छी फ़िल्में मिलने लगीं। वहीं दूसरी ओर उनकी तुलना अमिताभ से होने लगी। अपने प्रारम्भिक समय में उनके कुछ विशेष सफलता नहीं मिली और उनकी कुछ फ़िल्में असफल रही, परन्तु धीरे धीरे उन्होंने फ़िल्मी जगत् में अपनी अलग छवि बना ली। ‘सरकार’, ब्रीथ,’युवा’, ‘बंटी और बबली’ जैसी फिल्मों में काम कर उन्होंने अपने अभिनय कौशल का प्रमाण दिया। हालांकि वे अब तक बॉलीवुड मे अपने पिता के भांति नाम नही बना पाए हैं। अभिषेक ने अभिनय के साथ साथ फ़िल्म ‘ब्लफ़ मास्टर’ में एक गाना भी गाया हैं। जूनियर बच्चन का आज 45 वां जन्मदिन हैं,तो इस खास मौके पर आइए जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ खास बातें।

अभिनेता बनने के लिए पढाई बीच में छोड़ी

अभिषेक बच्चन का जन्म 5 फ़रवरी, 1976 को महाराष्ट्र के बम्बई में हुआ था। उनके पिता सदी के महानायक अमिताभ बच्चन और माता प्रसिद्ध अभिनेत्री जया बच्चन हैं। उनकी एक बहन है श्वेता, जो उद्योगपति निखिल नंदा से विवाह किया है। अभिषेक ने अपनी स्कूली शिक्षा ‘जमनाबाई नर्सरी स्कूल’, ‘बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल’ और दिल्ली के ‘मॉडर्न स्कूल’ से की। स्कूल ख़त्म करने के बाद उन्होंने ‘ऐग्लों कॉलेज’ में दाखिला लिया। वे व्यापार पढ़ने के लिए अमेरिका गए पर अभिनेता बनने के लिए उन्होंने अपनी पढाई बीच में ही छोड़ दी और फिल्मों में बतौर लीड एक्टर डेब्यू करने की तैयारी करने लगे।

करीना कपूर के साथ बॉलीवुड में किया डेब्यू

अभिषेक बच्चन ने अपने फ़िल्मी सफ़र की शुरुआत ‘रिफ़्यूजी’ फ़िल्म से की। इसी फ़िल्म से उनके साथ  करीना कपूर पहली बार सिने पर्दे पर अभिनय करते हुए नजर आई। फ़िल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह से फ्लॉप हुई। दर्शकों अभिषेक और करीना के फ्रेश जोड़ी को सिरे से नकार दिया। रिफ्यूजी फिल्म की गिनती करीना कपूर के सबसे ज्यादा नापसंद फिल्मों में किया जाता हैं। इसके बाद अभिषेक ने ‘कुछ न कहो’ और बस इतना सा ख्वाब है’ नाम की फिल्म की यह फिल्म भी औसत रहीं। फ़िल्म ‘कुछ न कहो’ के शूटिंग के दौरान ऐश्वर्या और अभिषेक बच्चन के बीच की नजदीकियां बढ़ने लगी और दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे। सन् 2003 में जूनियर बच्चन फिर एक बार करीना कपूर के साथ ‘मैं प्रेम की दीवानी हूँ’  फिल्म में नजर आए। इस फिल्म के जरिए सिने पर्दे पर पहली बार ऋतिक रोशन के साथ स्क्रीन शेयर करते हुए नजर आए।

युवा और धूम जैसी फिल्मों से मिली असली पहचान

साल 2000 में रिफ्यूजी फिल्म से बतौर लीड एक्टर डेब्यू करने के बाद भी जूनियर बच्चन को कुछ खास सफलता नही मिल रही थी। साल 2000 से लेकर 2003 तक अभिषेक की सभी फिल्में असफल रही। 2003 में मै प्रेम की दीवानी हूं फिल्म सफल तो रही। लेकिन उस फिल्म का सारा क्रेडिट उस समय के राइजिंग स्टार ऋतिक रोशन ले गए। साल 2004 में देश के जाने माने निर्माता निर्देशक मणिरत्नम ने उन्हें अपनी बहुप्रतिक्षित फिल्म ‘युवा’  में कास्ट किया। फिल्म में उनके द्वारा निभाए गए किरदार को दर्शकों खूब पसंद किया। आलोचकों और फिल्म समीक्षकों ने पहली बार जूनियर बच्चन के अभिनय की तारीफ की। इसके बाद अभिषेक यश राज की सबसे बड़ी फिल्म धूम में नजर आए। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सही मायने में धूम मचा दी। फिल्म में जॉन अब्राहम को एक्शन स्टार के रुप में इंट्रोड्यूस  किया। उदय चोपड़ा के चार्मिंग अंदाज और इशा देओल के काम को खूब पसंद किया। धूम आज के समय में देश की सबसे बड़ी हिट फेचाइजी बन चुकी हैं। जिसके सारे पार्ट में अभिषेक बच्चन पुलिस वाले का किरदार निभाते हुए नजर आते हैं।

2005 के बाद कुछ ऐसा रहा अभिषेक फिल्मी सफऱ

धूम फिल्म के बाद जूनियर बच्चन की किस्मत पलटी। 2005 में उन्होंने एक के बाद एक 4 सफल फ़िल्में दी। अभिनेत्री रानी मुखर्जी के साथ ‘बंटी और बबली’ 2005 की सबसे सफल फ़िल्मों में से एक रही। इसी फ़िल्म में उन्होंने पिता अमिताभ बच्चन और ऐश्वर्या राय के साथ मशहूर आइटम गाना ‘कजरारे’ किया जो दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ। ‘सरकार फिल्म ‘ में को उनके अभिनय को बेहद पसंद किया गया। इसके लिए उन्हें उनका पहला फ़िल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेता पुरस्कार मिला। उनकी ‘दस’ और ‘ब्लफ़मास्टर’  जैसी मल्टीस्टारर फिल्म भी उस वर्ष साल की सफल फ़िल्मों में से एक रही। ब्लफ़मास्टर और धूम में वे पार्श्व गीतकार भी रहे। 2006 में उनकी फ़िल्म ‘कभी अलविदा न कहना’ विदेशों में अब तक की सबसे सफल फ़िल्म रही। जिसके लिए उन्हें एक बार फिर फ़िल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेता का पुरस्कार मिला। हालांकि उनकी अगली फ़िल्म ‘उमराव जान’ बेहद असफल रही। उन्होंने धूम 2 से वापसी की जो उस साल की सबसे सफल फ़िल्म रही। 2007 में उन्होंने फिर ऐश्वर्या के साथ फ़िल्म ‘गुरु’ में काम किया। इस फिल्म में अभिषेक ने अपने फिल्मी कैरियर की सबसे बेस्ट परफॉमेंस दी। उनकी अगली फ़िल्म, ‘झूम बराबर झूम’ बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह असफल रही। 2008 भी उनके लिए अच्छा रहा और उनकी 2 फ़िल्में ‘सरकार राज’ और ‘दोस्ताना’ साल की सबसे सफल फ़िल्म रही। 2009 में उन्होंने फ़िल्म ‘पा’ में अपने पिता अमिताभ बच्चन के पिता का किरदार निभाया। इस फ़िल्म में अमिताभ एक लाइलाज बीमारी ‘प्रोजेरिया’ से पीड़ित थे और अभिषेक उनके पिता थे। फ़िल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनकी अगली फ़िल्में, मणि रत्नम की ‘रावण”, आशुतोश गोवरिकर की ‘खेलें हम जी जान से’, ‘गेम’ और ‘दम मारो दम’ असफल रही। इनके बाद अभिषेक बच्चन ने ‘बोल बच्चन’ (2012), धूम 3 (2013) और ‘हैप्पी न्यू ईयर’ (2014) जैसी सफल फ़िल्में दीं।  साल 2020 में उन्होंने ब्रीथ से डिजीटल डेब्यू किया। जिसमें उनके आपोजिट नित्या मेनन नजर आई थी। ब्रीथ को दर्शकों ने काफी पसंद किया। उनकी अगली फिल्म बिगबुल हैं जिसमे वो हर्षद मेहता का किरदार निभाते हुए नजर आएंगे।

करिश्मा से सगाई टूटी ऐश्वर्या से किया विवाह

सन् 2002 में अमिताभ बच्चन के 60वें जन्मदिन के अवसर पर अभिषेक बच्चन ने ‘करिश्मा कपूर’ के साथ अपनी सगाई की घोषणा की। हालांकि 2003 में बिना कोई कारण बताये दोनों परिवारों ने यह सगाई तोड़ दी। जिसके बाद अभिषेक और करिश्मा की राह अलग हो गयी। कुछ साल बाद सलमान से अलग हुई एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय के साथ उनके प्यार के चर्चे होने लगे। इन चर्चो पर विराम लगाते हुए 14 जनवरी 2007 को उन्होंने ‘मिस वर्ल्ड’ ऐश्वर्या राय के साथ अपनी सगाई की घोषणा की। फिर 20 अप्रैल 2007 को दोनों विवाह के बंधन में बंध गए।

सम्मान और पुरस्कार

सर्वश्रेष्ठ हिंदी फीचर फ़िल्म ‘पा’ के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार (निर्माता के तौर पर)।

‘युवा’ में फ़िल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेता पुरस्कार।

‘सरकार’ में फ़िल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेता पुरस्कार।

‘कभी अलविदा न कहना’ में फ़िल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेता पुरस्कार।

 

 

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