बाजार दर पर रॉयल्टी कटौती के खिलाफ और विभिन्न मांगो को लेकर कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन 25 को करेंगे प्रदर्शन

0
48

रायपुर (प्रखर)। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा निर्माण कार्यों पर बाजार दर से रॉयल्टी लगाए जाने के निर्णय का छत्तीसगढ़ कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन द्वारा लगातार विरोध किया जा रहा है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने पत्रकार वार्ता के दौरान जानकारी देते हुए कहा कि, 25 फरवरी को संघ द्वारा इसके खिलाफ एक दिवसीय धरना दिया जाएगा। इसके बाद भी यदि शासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई तो 1-3 मार्च तक प्रदेश के सभी निर्माण कार्य बंद किया जाएगा। इसके बाद अनिश्चितकालीन प्रदर्शन किया जाएगा।

एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बीरेश शुक्ला ने विभिन्न मांगो को लेकर कहा की, प्रदेश सरकार की रॉयल्टी की दरों की कटौती ठेकेदारों के द्वारा स्वीकार्य है, लेकिन बाजार दर अनुचित है, वर्तमान समय में अगर बाजार दर से कटौती की जायेगी तो ठेकेदारों के द्वारा निर्माणाधीन कार्यो का घर बेचकर भुगतान करना पड़ेगा। लोक निर्माण विभाग में निर्माण कार्यो के रखरखाव हेतु पाँच वर्ष की समय सीमा निर्धारित की गई है। एवम् जल संसाधन विभाग में एनिकट, बांध, डेम का रखरखाव दस वर्ष रखी गयी है जो पूर्णतः व्यवहारिक नहीं है। जिसे संशोधित किया जाए अथवा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और एडीबी द्वारा जो निर्माण कार्य कराये जा रहे हैं, उनमें रखरखाव हेतु विभाग द्वारा भुगतान किया जाता है। इस नियम को लागू किया जाए। निर्माण विभागों में तृतीय पार्टी चेकिंग की शर्ते निर्माण कार्यों में लागू की गई। प्रदेश के निर्माण ठेकेदारों को चेकिंग की शर्तें मंजुर है परन्तु चेकिंग की समय सीमा निर्धारण कर एवम निर्माण विभागों जो ठेकेदारों के भुगतान का 5 प्रतिशत एसडी राशि एवम् पीजी की राशि की कटौती की जाती है। मेरी शासन से अनुरोध है कि अतिरिक्त सुरक्षा निधी की राशि को रिलीज किया जावे। प्रदेश बस्तर परिक्षेत्र में 50 लाख तक का निर्माण कार्य मे मेनुअल टेण्डर नियम लागू किया गया है। उस नियम को आगे बढ़ाते हुए शासन से अनुरोध है दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर परिक्षेत्र एवम् अम्बिकापुर परिक्षेत्र में इस नियम को लागू किया जाये। चूँकि छत्तीसगढ़ प्रदेश में 16 हजार रजिस्टर्ड ठेकेदार हैं जिनमें 80 प्रतिशत ठेकेदार 20-30 लाख का निर्माण कार्य करते है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here