बर्थडे स्पेशल अर्जुन अटवाल –देश के पहले गोल्फ खिलाड़ी जिन्होने पहली बार यूरोपीय टूर आर्डर ऑफ मेरिट’ जीता

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अर्जुन अटवाल भारत के सर्वश्रेष्ठ गोल्फ खिलाड़ियों में से एक है। उन्हें गोल्फ में एक प्रोफेशनल खिलाड़ी के रूप में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। उन्होंने प्रतिष्ठित यूएस पीजीए टूर में खेल कर प्रथम भारतीय खिलाड़ी होने का गौरव प्राप्त किया है। जब अर्जुन किशोरावस्था में ही थे तब उन्हें गोल्फ के ट्रिक्स व बारीकियां सीखने को मिली थी। उन्होने रॉयल कलकत्ता गोल्फ क्लब के हरे भरे मैदानो में इस खेल को खेलना भली -भांति सीखा था। 1995 मे वह इस खेल के प्रोफेशनसल खिलाड़ी बन गए। अर्जुन अटवाल का नाम इतिहास के पन्नो में देश के पहले गोल्फ खिलाड़ी के रुप में दर्ज हैं। इन्होंने यू.एस., पी.जी.ए. टूर में खिलाड़ी के रूप में भाग लिया था। इन्होंने यूरोपीय टूर में ‘आर्डर ऑफ मेरिट’ जीता था तथा वर्ष 2003 में ‘एशियाई आर्डर ऑफ मेरिट’ में भी सर्वश्रेष्ठ स्थान पाया था। आज अर्जुन अटवाल का 48वां जन्म दिन है। इस खास मौके पर जानते है,उनके जीवन से जुड़ कुछ महत्वपूर्ण बातें।

आसनसोल में हुआ जन्म

अर्जुन अटवाल का जन्म 20 मार्च 1973 को आसनसोल, प. बंगाल में हुआ था। भारत के सर्वश्रेष्ठ गोल्फ खिलाड़ियों में से एक हैं। इन्होंने गोल्फ में एक प्रोफेशनल खिलाड़ी के रूप में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। अर्जुन प्रतिष्ठित यू.एस., पी.जी.ए. टूर में खेल कर प्रथम भारतीय खिलाड़ी होने का गौरव पाया है। जब अर्जुन किशोरावस्था में ही थे, तब उन्होंने गोल्फ़ की ट्रिक्स व बारीकियां सीख ली थीं। रॉयल कलकत्ता गोल्फ़ क्लब के हरे-भरे मैदानों में इस खेल को भली-भांति सीखा था। 1995 में वह इस खेल के ‘प्रोफेशनल’ खिलाड़ी बन गए थे। तथा इनकी ऊंचाई 6 फुट एक इंच हैं।

अर्जुन अटवाल और उनका एशियाई टूर

इसके पश्चात् अर्जुन ने एशियाई टूर में अपने खेल की श्रेष्ठता साबित कर दी। 2003 में एशियाई ‘आर्डर ऑफ मेरिट’ में सर्वश्रेष्ठ स्थान प्राप्त किया था। वर्ष 2003 में अर्जुन भारत के ऐसे पहले खिलाड़ी बने जिन्होंने एशियाई पी.जी.ए. टूर में 10 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक की कमाई की। इन्होंने ‘हीरो होंडा मास्टर्स’ में भारत में एक स्ट्रोक से जीत हासिल कर इतनी बड़ी रकम पर विजय प्राप्त की थी।

अर्जुन अटवाल और उनका यूरोपियन टूर

अटवाल जीव मिल्खा सिंह के बाद दूसरे खिलाड़ी हैं जिन्हें ‘यूरोपियन टूर’ की सदस्यता हासिल हुई है। अर्जुन को एक अन्य मामले में भी प्रथम खिलाड़ी होने का श्रेय प्राप्त है। वह ऐसे प्रथम भारतीय हैं जिन्होंने ‘यूरोपीय टूर आर्डर ऑफ मेरिट’ जीता है। यह खिताब उन्होंने 2002 में ‘काल्टेक्स सिंगापुर मास्टर्स’ में जीता था।2003 में अटवाल ने यूरोपीय टूर में दूसरी बार सफलता हासिल की। उन्होंने ‘केरिस वर्ग मलेशियाई ओपन’ में अमेरिकी ओपन विजेता रिटीफ गूजन को हराकर चार शॉट विजय हासिल की। अटवाल ने 2004 में यू.एस. पी.जी.ए. टूर में पहली बार भाग लिया और बेहतरीन प्रदर्शन किया। फिर 2005 में भी उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया, यद्यपि उन्होंने ‘बेल साउथ क्लासिक’ में एक छोटी हार का सामना किया।

अर्जुन अटवाल और अंतरराष्ट्रीय विजय

वर्ष 1995 में अर्जुन अटवाल ने डीसीएम ओपन (एशिया) जीता।
1997 अर्जुन अटवाल ने क्लासिक दक्षिण इंडिया ओपन में विजय प्राप्त की।
विल्स इंडियन ओपन (एशिया) का खिताब 1999 में जीता।
अर्जुन अटवाल ने हीरो होंडा मास्टर्स (एशिया) और स्टार एलायंस ओपन (एशिया) में वर्ष 2000 में जीत हासिल की।
वर्ष 2002 में अर्जुन ने कार्ल्सबर्ग मलेशियाई ओपन (ईयूर) विजय प्राप्त की।
हीरो होंडा मास्टर्स (एशिया) और कैल्टेक्स सिंगापुर मास्टर्स (ईयूर) का खिताब 1999 में जीता।
अर्जुन ने वर्ष 2008 में मेबैंक मलेशियाई ओपन (ईयूर) जीता

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