छत्तीसगढ़ पीएससी का हाल बेहाल, ‘देहरौरी के बरा देवारी म, त मानसून के हवा दक्षिण पूरब ले’

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सीजीपीएससी गड़बडी

रायपुर (प्रखर) । छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा लगातार परीक्षा में गड़बड़ियों के कारण आज परीक्षार्थियों ने 12 सूत्री मांग को लेकर बूढ़ातालाब धरना प्रदर्शन स्थल पर विरोध प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ प्रतियोगी संघर्ष मंच के बैनर तले किए गए इस प्रदर्शन में परीक्षार्थियों के साथ कोचिंग संचालक भी शामिल हैं। प्रदर्शन में प्रदेश भर के लगभग एक हजार अभ्यर्थी शामिल हुए ।

पीएससी अभ्यर्थियों का प्रदर्शन
सीजीपीएससी के खिलाफ प्रदर्शन

परीक्षार्थियों का आरोप है कि आयोग की गलतियों के कारण जो छात्र पात्रता रखते हैं वे रुक जाते हैं और जो नही रखते उनका सलेक्शन हो जाता है। प्रदर्शनकारियों ने मांग भी कि है कि पीएससी अच्छे विशेषज्ञों की नियुक्ति करें, ताकि बार-बार के इस समस्या से निजात मिल सके। अभ्यर्थियों ने बताया कि उन्हें रैली निकालने की मंजूरी नहीं मिली है। जिसकी वजह से उन्होंने एक-एक करके आयोग जाकर ज्ञापन सौंपे हैं।

लोक सेवा आयोग में सौपा ज्ञापन

विशेषज्ञों पर उठ रहे सवाल

अभ्यर्थियों का आरोप है कि पीेएससी के विषय विशेषज्ञों की गलतियों का खामियाजा लाखों अभ्यर्थी भुगत रहे हैं ।पीएससी द्वारा हर परीक्षा में लगभग 8 से 10 प्रश्नों को विलोपित किया जा रहा है, वहीं इतने ही प्रश्नों का उत्तर बदला जा रहा है । इसका कारण हमें बताना चाहिए कि ऐसा क्यों हुआ । कट ऑफ जारी किया जाना चाहिए । प्रश्न पत्रों के जांच का आधार क्या है ये स्पष्ट करना चाहिए, क्योंकि अभ्यर्थी सामान्य पुस्तकों से ही पढ़ाई करता है । अगर ऐसी ही गड़बड़ियां चलती रही तो व्यक्ति का मनोबल खराब होता है । वहीं उन्होंने

परीक्षा केंद्रों में भी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल

अभ्यर्थी ने बताया कि पीएससी में होने वाली गड़बड़ी कोई मानवीय भूल नहीं है, जिसकी वजह से हमें 20 से 25 नंबर का नुकसान हो रहा है । पूरे प्रदेश में आज हमारे द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है । हम अपनी बात पीएससी तक पहुंचाना चाहते है । एक अभ्यर्थी ने कही कि एग्जाम सेंटर की वीडियोग्राफी होनी चाहिए जिससे परीक्षा में कौन उपस्थित था और कौन नहीं इसका पता चल सके । वहीं एक अन्य अभ्यर्थी ने बताया कि अगर 2 घंटे के अंदर 2 लाख अभ्यर्थियों के रिजल्ट जारी हो सकते हैं तो एग्जाम की प्रक्रिया के दौरान टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल क्यों नहीं किया जा सकता । किसी भी तरह की अनियमितता नहीं की जानी चाहिए ।

प्राथमिक स्कूल स्तर के प्रश्नों का गलत जवाब

प्रदर्शनकारी परीक्षार्थी ने बताया कि आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा के प्रश्नों की प्राथमिकता, परीक्षाफल की पार्दशिता, आयोजित परीक्षाओं के कुप्रबंधऩ एवं अनियमिताता से लगातार प्रभावित हो रहे हैं । जिसके कारण अभ्यर्थियों में आयोग कि कार्यप्रणाली के संबंध में लगातार रोष व्याप्त होते जा रहा है। वहीं एक अभ्यर्थी ने बताया कि साल 2020 के प्रारंभिक परीक्षा के कुछ प्रश्नों का मॉडल उत्तर में पीएससी द्वारा गलत दिया गया था । वह भी ऐसा प्रश्न जो प्राथमिक स्तर के स्कूलों में पढ़या जाता है।

पीएससी से अभ्यर्थियों की 12 सूत्रीय मांगे -:

  1. प्रारंभिक परीक्षा के संशोधित मॉडल आंसर में सुधार कर चयन सूची नए सिरे से जारी किए जाए।
  2. आयोग द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओ के कटऑफ मार्क्स एवं अंकसूची जारी किए जाए।
  3. आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओ के सभी विषयो के मानक पुस्तको (रिफरेन्स बुक) की सूची जारी की जाए ।
  4. मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिका प्राप्त करने की विधि को सरल बनाया जाए।
  5. आयोग प्रत्येक वर्ष का कैलेंडर जारी करे तथा जारी कैलेंडर का कड़ाई से पालन हो।
  6. आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओ की वीडियोग्राफी कराई जाए, ओएमआर की कार्बन कॉपी उपलब्ध कराई जाए ।
  7. आगामी आयोजित होने वाली परीक्षाओ में भाषाई त्रुटि तथा निर्देश सम्बन्धी त्रुटि को सुधारा जाए।
  8. दावा आपत्ति शुल्क कम किया जाए तथा दावा आपत्ति सही प्राप्त होने की स्थिति में अभ्यर्थियों के शुल्क वापस किये जाए।
  9. सूचना के अधिकार का समुचित पालन किया जाए तथा चयन सूची में पात्र / अपात्र की सूची कारण सहित जारी किया जाए।
  10. विशेषज्ञों की गलती पर उनकी जवाबदेही सुनिश्चित किया जाए तथा उनपर आवश्यक कार्यवाही का प्रावधान किया जाए ।
  11. परीक्षा पूर्व प्रश्नपत्रो तथा मॉडल आंसरों की प्रमाणिकता को सुनिश्चित किया जाए ताकि विवाद की स्थिति न बने ।
  12. आयोग पर समय-समय पर विभिन्न परीक्षाओं के संदर्भ में जो आरोप लगे हैं।

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