राज्य महिला आयोग ने मनाया अपना 20 वां स्थापना दिवस

0
150
छत्तीसगढ़ महिला आयोग स्थापना दिवस
छत्तीसगढ़ महिला आयोग स्थापना दिवस

रायपुर ( प्रखर)। बुधवार को रायपुर स्थित राज्य महिला आयोग मे एक प्रेस कॉन्फ्रेस का आयोजन किया गया। यह आयोजन राज्य महिला आयोग 20 वे वर्षगांठ के अवसर पर किया गया था। इस दौरान पत्रकारो से चर्चा करते हुए राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक ने कहा हम पिछले 20 वर्षो से महिलाओं की समस्या का समाधान कर रहे है। महिलाओं से संबंधित लगभग 21 प्रकार के प्रकरण हमारे आते है। प्रदेश में बीते वर्षो से राज्य कि महिलाओं के साथ अपराध की घटना लगातार हो रही थी। पर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार आने के पश्चात् से महिलाओं की समस्याओं के समाधान में काफी तेजी आई है।

बतौर आयोग अध्यक्ष के अपने इस संक्षिप्त कार्यकाल में कोरोना लॉकडाउन के संकट के समय में, पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग पूरे देश में अव्वल स्थान पर रहा है। इस संबंध में राष्ट्रीय महिला आयोग ने छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की तारीफ की और सम्मानित भी किया। उन्होने कहा कि अन्य राज्यों की महिला आयोग अध्यक्षों को छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग से सीखना चाहिए। आयोग ने कांग्रेस सरकार के 2 वर्ष पूर्ण होने पर महिलाओं की ओर से विशाल रंगोली बनाकर उन्हें बधाई दी थी। 17 दिसंबर 2020 को एक विश्व रिकॉर्ड भी बनाया गया । इस प्रकार आयोग के इस कार्यक्रम को गोल्डन वर्ल्ड ऑफ बुक रिकॉर्ड में नाम दर्ज हो गया और उसका प्रमाण पत्र भी महिला आयोग को आज प्राप्त हुआ है।

आठ महीनों में 55 जन सुनवाई

19 अगस्त 2020 से 17 मार्च 2021 तक केवल रायपुर जिले में कुल 21 जन-सुनवाई हो चुकी है। जिसमें 409 प्रकरण में से 83 निराकृत हो चुके है। दुर्ग जिले में 4 जन-सुनवाई में 104 प्रकरण रखे गये थे और 47 निराकृत किये गये। बिलासपुर जिले में कुल 5 जन-सुनवाई में 106 मामले रखे गये थे। जिसमें 40 मामले निराकृत हुये। इसके अतिरिक्त शेष 22 जिलों में एक-एक बार जन-सुनवाई हुई। इस प्रकार सभी 25 जिलों में कुल 55 बार जन-सुनवाई हो चुकी है। जिनमें अब तक 1068 मामलों की सुनवाई हो चुकी है। जिनमें से 346 मामलों में अंतिम निराकरण किया जा चुका है।

सोशल मीडिया के माध्यम से शिकायत की नयी पहल
8 मार्च 2021 को महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के समाधान के लिये एक नयी पहल की गई। जिसमें सोशल मीडिया के माध्यम से शिकायत करने की सुविधा देने के लिये व्हाट्सएप कॉल सेंटर का गठन किया गया है, जिसका नम्बर 9098382225 है। इसका उद्घाटन महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री के द्वारा किया गया था। महिला आयोग की वेबसाईट और सोशल मीडिया पर नये तेवर और नये कलेवर में जल्द ही तैयार किया जायेगा। महिलाओं के विरूद्ध साइबर अपराध रोकने के लिये, और डिजिटल अवेयरनेस की दिशा में भी काम किया जायेगा।

निकाला जायेगा ”महतारी न्याय रथ‘‘ 
अप्रैल 2021 से चालू होने वाले वित्तीय वर्ष में महिला आयोग नये तरीके से अपने कार्यों को गति देने और विस्तार करने जा रहे है। जिसमें प्रत्येक जिले में ‘‘मुख्यमंत्री महतारी न्याय रथ‘‘ निकाला जायेगा। जिसके माध्यम से महिलाओं की हर विषय की समस्याओं के निराकरण का प्रयास किया जायेगा, साथ ही महिलाओं की समस्याओं, कानूनी अधिकारों से संबंधित विषयों पर वीडियो, आडियो क्लीपिंग के माध्यम से प्रचार-प्रसार किये जाने की योजना है। महिला अधिवक्ताओं को इम्पैनल किया जायेगा जो कि हर जिलों में महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिये उन्हें आयोग द्वारा प्रशिक्षण दिया जायेगा। साथ ही सखी वन स्टाॅप सेंटर के काउंसलर और अन्य स्टाफ, नवा बिहान के संरक्षण अधिकारीगणों को कानूनी जानकारी के लिये और महिलाओं के समस्याओं के समाधान के त्वरित जांच के लिये भी प्रशिक्षण दिया जायेगा।

आत्मरक्षा का प्रशिक्षण
महिलाओं और बालिकाओं को आत्मरक्षा में प्रशिक्षित करने की दिशा में भी आयोग एक विस्तृत कार्य योजना तैयार कर रही है, जिससे पूरे छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में आंगनबाड़ी, मितानिन, स्कूल, काॅलेज में पढ़ने वाली लड़कियों, कामकाजी महिलाओं और घरेलू महिलाओं के समूहों को भी स्वयं की आत्मरक्षा हेतु पर्याप्त प्रशिक्षण दिया जायेगा। इस तरह महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा कर उन्हें कानूनी जानकारियों और आत्मरक्षा दोनों ही क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जायेगा।

पूरे छत्तीसगढ़ के सभी शासकीय, अर्द्धशासकीय, निजी संस्थान एवं उद्योगों में महिलाओं के कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न को रोके जाने बाबत् आंतरिक परिवाद समिति का कड़ाई से लागू किया जायेगा और सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ में महिलाओं के मामले पुलिस थाने में दर्ज किये जाने बाबत् महिला पुलिस डेस्क की अनिवार्यता की दिशा में भी प्रयास किया जायेगा। विभिन्न जिलों में कार्यरत महिला संगठनों को जोड़ने की दिशा में कार्य किया जायेगा ताकि हर वर्ग, हर समाज की महिलाओं को जोड़ा जा सकें और छत्तीसगढ़ को महिला प्रताड़ना से मुक्त करने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here